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Bihar Land Reforms: अभियान बसेरा-2 के तहत भूमिहीनों को बड़ी सौगात, स्वतंत्रता दिवस पर मिलेगा वासभूमि का अधिकार

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बिहार सरकार अभियान बसेरा-2 के तहत 15 अगस्त को 30 हजार पात्र भूमिहीन परिवारों को वासभूमि बंदोबस्ती प्रमाण पत्र देगी। जानिए योजना, जिलेवार लक्ष्य और पूरी प्रक्रिया।

पटना/आलम की खबर:बिहार सरकार स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राज्य के हजारों भूमिहीन परिवारों को बड़ा तोहफा देने जा रही है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने अभियान बसेरा-2 के तहत राज्य के वैसे गरीब परिवारों को घर बनाने के लिए जमीन का अधिकार देने की तैयारी पूरी कर ली है, जिनके पास अपनी वासभूमि नहीं है।

सरकार की योजना के अनुसार 15 अगस्त को राज्यभर में विशेष कार्यक्रम आयोजित कर 30 हजार पात्र भूमिहीन परिवारों को वासभूमि बंदोबस्ती प्रमाण पत्र सौंपा जाएगा। इस पहल का उद्देश्य ऐसे परिवारों को स्थायी सुरक्षा देना है, जो वर्षों से रहने के लिए अपनी जमीन के अधिकार से वंचित थे।

राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने बताया कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि बिहार में कोई भी पात्र भूमिहीन परिवार अपने घर की जमीन के अधिकार से वंचित नहीं रहे। उन्होंने कहा कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।

अभियान बसेरा-2 से मिलेगा स्थायी अधिकार

अभियान बसेरा-2 के तहत सरकार ऐसे परिवारों की पहचान कर रही है, जिनके पास रहने के लिए अपनी जमीन नहीं है। पात्र पाए जाने वाले परिवारों को सरकारी जमीन का बंदोबस्ती प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जा रहा है।

अब तक इस अभियान के माध्यम से हजारों परिवारों को लाभ मिल चुका है। विभाग के अनुसार अभी तक 71,569 पात्र परिवारों को वासभूमि उपलब्ध कराने की दिशा में प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं।

स्वतंत्रता दिवस पर होने वाला विशेष वितरण कार्यक्रम इसी अभियान को आगे बढ़ाने का हिस्सा है। इसके तहत 30 हजार नए लाभुकों को जोड़ा जाएगा।

सभी जिलों में चलेगा विशेष अभियान

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने राज्य के सभी 38 जिलों में इस अभियान को तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया है। विभाग की ओर से जिलाधिकारियों को लाभुकों की सूची की जांच करने और पात्र परिवारों का चयन पूरा करने को कहा गया है।

अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि अभियान के तहत चिन्हित सभी लाभुकों का पंजीकरण अभियान बसेरा पोर्टल पर सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही प्रमाण पत्र तैयार करने और संबंधित अधिकारियों के हस्ताक्षर की प्रक्रिया भी समय पर पूरी करने को कहा गया है।

विभाग ने इसके लिए 31 जुलाई तक सभी आवश्यक तैयारियां पूरी करने का लक्ष्य रखा है, ताकि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रमाण पत्र वितरण में किसी तरह की परेशानी नहीं हो।

ऑनलाइन प्रक्रिया से बढ़ेगी पारदर्शिता

सरकार ने अभियान बसेरा-2 की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन माध्यम से संचालित करने का निर्णय लिया है। अभियान बसेरा पोर्टल के जरिए लाभुकों का पंजीकरण, दस्तावेजों की जांच और प्रमाण पत्र वितरण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जा रहा है।

विभाग का कहना है कि ऑनलाइन व्यवस्था से योजना में पारदर्शिता बढ़ेगी और पात्र लोगों तक लाभ पहुंचाने में आसानी होगी। इससे लाभुकों की जानकारी भी व्यवस्थित तरीके से उपलब्ध रहेगी।

15 अगस्त को जिला मुख्यालयों पर आयोजित समारोह या विशेष शिविरों में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी में लाभुकों को प्रमाण पत्र सौंपे जाएंगे।

किन जिलों में अधिक लाभुक होंगे

राज्य सरकार ने सभी 38 जिलों के लिए अलग-अलग लक्ष्य निर्धारित किया है। इनमें कई बड़े जिलों में अधिक संख्या में भूमिहीन परिवारों को लाभ देने की तैयारी है।

विभाग द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुसार पटना जिले के लिए 1,709, पूर्वी चंपारण के लिए 1,493, मुजफ्फरपुर के लिए 1,405, मधुबनी के लिए 1,314, गया के लिए 1,285, समस्तीपुर के लिए 1,247, सारण के लिए 1,157 और दरभंगा के लिए 1,153 परिवारों का लक्ष्य रखा गया है।

इनके अलावा राज्य के अन्य जिलों में भी पात्र परिवारों को अभियान से जोड़ा जाएगा।

हर सप्ताह होगी समीक्षा

राजस्व विभाग ने अभियान की प्रगति पर नजर रखने के लिए मुख्यालय स्तर पर नियमित समीक्षा की व्यवस्था की है। विभाग के सचिव की ओर से सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अभियान की निगरानी खुद करें।

जिलों से प्रत्येक सप्ताह प्रगति रिपोर्ट भी मांगी जाएगी, ताकि यह पता चल सके कि कितने परिवारों को लाभ देने की प्रक्रिया पूरी हुई है और कहां किसी तरह की समस्या आ रही है।

गरीब परिवारों के लिए महत्वपूर्ण कदम

बिहार में बड़ी संख्या में ऐसे परिवार हैं, जो वर्षों से सरकारी या अन्य जगहों पर रह रहे हैं लेकिन उनके पास अपने घर की जमीन का कानूनी अधिकार नहीं है। ऐसे परिवारों के लिए वासभूमि का प्रमाण पत्र मिलने से उन्हें स्थायी सुरक्षा मिलेगी।

जमीन का अधिकार मिलने के बाद परिवार अपने आवास निर्माण की योजना बेहतर तरीके से बना सकेंगे। इसके अलावा सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भी उन्हें सुविधा होगी।

राज्य सरकार का मानना है कि जमीन का अधिकार केवल एक दस्तावेज नहीं बल्कि गरीब परिवारों के सम्मान और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा विषय है।

अभियान बसेरा-2 के माध्यम से सरकार भूमिहीन परिवारों को मुख्यधारा से जोड़ने की कोशिश कर रही है। आने वाले समय में भी पात्र परिवारों की पहचान कर उन्हें लाभ देने की प्रक्रिया जारी रखने की बात कही गई है।

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बिहार सरकार का अभियान बसेरा-2 भूमिहीन परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। रहने के लिए अपनी जमीन होना किसी भी परिवार के लिए सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा विषय होता है। वर्षों से जमीन के अधिकार से वंचित परिवारों को जब कानूनी प्रमाण पत्र मिलेगा तो उनके जीवन में स्थिरता आएगी।

सरकार द्वारा ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाने से योजना में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक इसका लाभ सही तरीके से पहुंचे।

अगर प्रशासनिक स्तर पर सही निगरानी बनी रही तो यह योजना ग्रामीण गरीब परिवारों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है।

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